
23 जनवरी को यूपी में होने वाला ब्लैकआउट mock drill सिर्फ अभ्यास है, कोई असली खतरा नहीं है और इसे लेकर हिरासत (detain) जैसी बात सामान्य नागरिकों के लिए नहीं की गई है।
प्रशासन की अपील है कि लोग अफवाह न फैलाएँ और शांति से सहयोग करें।
23 जनवरी ब्लैकआउट मॉक ड्रिल क्या है?
- 23 जनवरी 2026 को शाम 6 बजे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में कुछ मिनट के लिए ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होगी।
- यह ड्रिल हवाई हमले / आपदा की स्थिति में तैयारी परखने के लिए की जा रही है, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती और यूपी दिवस के अवसर पर।
ड्रिल के दौरान क्या होगा?
- तेज आवाज में सायरन बजेगा और कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बंद की जा सकती है (आमतौर पर 2–10 मिनट तक)।
- मानकर चला जाएगा कि हवाई हमला या बड़ी आपदा हुई है, और एजेंसियाँ जैसे सिविल डिफेंस, SDRF, NDRF, पुलिस, फायर, हेल्थ आदि राहत-बचाव की ड्रिल करेंगी।
लोगों के लिए जरूरी बातें
- प्रशासन ने साफ कहा है कि यह सिर्फ अभ्यास है, असली हमला नहीं; घबराने या भागदौड़ करने की जरूरत नहीं है।
- अफवाह फैलाने या भड़काऊ मेसेज शेयर करने से बचने की अपील की गई है; ऐसा करने पर आईटी एक्ट/अन्य नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
क्या किसी को हिरासत में लिया जाएगा?
- ड्रिल से जुड़ी खबरों में आम नागरिकों को सिर्फ निर्देश दिए गए हैं कि शांत रहें, अफवाह न फैलाएँ और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। हिरासत में लेने (detain) की कोई सामान्य व्यवस्था नहीं बताई गई है।
- आम तौर पर पुलिस सिर्फ उन पर कार्रवाई करती है जो जान-बूझकर अफवाह, दहशत या गलत जानकारी फैला कर कानून-व्यवस्था खराब करने की कोशिश करें।
आपको क्या करना चाहिए?
- सायरन बजे तो सामान्य रूप से घर में रहें या निकट सुरक्षित जगह पर रहें, भीड़ या भगदड़ से बचें।
- मोबाइल पर आने वाले आधिकारिक मेसेज/समाचार चैनलों/जिले के प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर ही भरोसा करें, फॉरवर्ड मेसेज पर नहीं।
